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Rahul crossed limits with his ‘dalali’ remark: Amit Shah

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New Delhi : Bharatiya Janata Party President Amit Shah on Friday launched a scathing attack on Congress Vice President Rahul Gandhi over his “dalali” remark targeting Prime Minister Narendra Modi, and said with it he has crossed all limits.

Gandhi on Thursday hit out at Prime Minister Modi, accusing him of doing “dalali” (profiteering) over the bloodshed by Indian soldiers.

Shah demanded a clarification from Congress President Sonia Gandhi on Rahul Gandhi’s “dalali” remark.

Shah lambasted political leaders, particularly Rahul Gandhi and Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal, for “playing politics” over the September 29 surgical strikes.

Targeting Kejriwal, Shah said that the trend of doubting the “surgical strikes” was started by the Delhi Chief Minister.

“By saying ‘dalali’ over soldiers’ blood, Rahul Gandhi has crossed all limits. The remark reflects the Congress’ mentality,” Shah told a press conference here.

“I strongly condemn his remarks. They are an insult not only to the brave armed forces and martyrs but the entire country,” he said.

“I want to ask Gandhi: Does he perceive our soldiers’ blood to be a thing to do ‘dalali’ (trade) with. His words are an insult to the armed forces and the country as a whole. I want to ask what dalali is he talking about?” asked Shah.

“From Bofors to Embraer, from coal to 2G spectrum, who indulged in dalali,” asked Shah, referring to the allegations of various scams against the Congress and the UPA.

Shah also asked Gandhi to focus on issues pertaining to “Alu ki factory” (potato factory) instead of making statement on such sensitive issues.

Targeting the Delhi Chief Minister, the BJP President said, “It was Kejriwal who started the trend of doubting the surgical strikes and casting aspersion on the bravery of our armed forces.”

“His attempt to demand proof on the surgical strikes has led to the social media ridiculing him as a pro-Pakistani,” Shah said.

“On behalf of the BJP, we strongly condemn these attempts and whoever are questioning the surgical strikes have insulted the army, insulted the martyrs,” he added.

Shah asserted that the “surgical strikes” are the achievement of the army and the “political will” behind it was that of Prime Minister Modi.

Asked if he would make it an election issue ahead of Uttar Pradesh polls, Shah said: “It should not be made an issue for Uttar Pradesh elections. But we’ll take this issue to the public because it is the responsibility of every political party to boost the confidence of the armed forces. No political leader should claim credit for this.”

He also slammed the Congress for questioning the “excitement” shown by a few BJP ‘karyakartas’ (activists) after the surgical strikes.

“None of our top leaders made any statement on this issue. Some karyakarta may have passed some remarks, but he must have said it out of excitement. The question is why Congress is not proud about the surgical strikes. Why don’t they feel happy about it?”

“If Congress has an objection to BJP workers feeling proud of the surgical strikes, then I think there is problem in their mindset,” said Shah.

India

‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह का कोरोना से निधन, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री ने जताया दुख

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नई दिल्ली, 19 जून (live24india): देश के ‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह का कोरोना वायरस से निधन हो गया है। वह पिछले कई दिनों से चंडीगढ़ पीजीआई अस्पताल में भर्ती थे। 91 साल की उम्र में ‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह ने देश को अलविदा कह दिया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंंद और पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह जैसे राजनेताओं के अलावा फिल्म जगत जैसे शाहरुख खान और क्रिकेट जगत से जैसे हरभजन सिंह, बुमराह आदि ने दुःख व्यक्त किया है। इसी हफ्ते उनकी पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह ने भी कोविड से लड़ाई में दम तोड़ दिया था।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मिल्खा सिंह के निधन पर कहा है- ‘स्पोर्टिंग आइकन मिल्खा सिंह के निधन से मेरा दिल दुख से भर गया है, उनके संघर्षों की कहानी और उनके चरित्र की ताकत भारतीयों की पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी, उनके परिवार के सदस्यों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है’।

महान धावक मिल्खा सिंह के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी दुःख प्रकट किया है. उन्होंने कहा है- ‘श्री मिल्खा सिंह जी के निधन से हमने एक महान खिलाड़ी खो दिया है, जिन्होंने देश की कल्पना पर कब्जा कर लिया, जो अनगिनत भारतीयों के दिलों में एक विशेष स्थान रखते थे. उनके प्रेरक व्यक्तित्व ने उन्हें लाखों लोगों का प्रिय बना दिया, उनके निधन से आहत हूं’।

एक बार एक इंटरव्यू में मिल्खा सिंह ने याद किया, ‘रोम ओलिंपिक जाने से पहले मैंने दुनिया भर में कम से कम 80 दौड़ों में भाग लिया था, उसमें मैंने 77 दौड़ें जीतीं जिससे मेरा एक रिकॉर्ड बन गया था। सारी दुनिया ये उम्मीद लगा रही थी कि रोम ओलिंपिक में कोई अगर 400 मीटर की दौड़ जीतेगा तो वो भारत के मिल्खा सिंह होंगे। ये दौड़ ओलिंपिक के इतिहास में जाएगी जहाँ पहले चार एथलीटों ने ओलंपिक रिकॉर्ड तोड़ा और बाक़ी दो एथलीटों ने ओलिंपिक रिकॉर्ड बराबर किया। इतने लोगों का एक साथ रिकॉर्ड तोड़ना बहुत बड़ी बात थी।

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Punjab

सरकारी कर्मचारियों को सौगात, 1 जुलाई से लागू होगा छठे वेतन आयोग की सिफारिशें

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चंडीगढ़, 18 जून (live24india): मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने छठे वेतन आयोग 6th Pay Commission की ज्यादातर सिफारिशों को स्वीकार करने का फ़ैसला किया है। इनको 1 जुलाई 2021 से लागू करने और 1 जनवरी 2016 से अमल में लाने का भी फ़ैसला किया है। इससे राज्य के 5.4 लाख सरकारी कर्मचारियों और सेवामुक्त कर्मचारियों को बड़ा लाभ पहुँचेगा। मंत्रीमंडल की मीटिंग में लिए गए इस फ़ैसले से कैप्टन अमरिन्दर सिंह सरकार ने राज्य की चिंताजनक वित्तीय स्थिति के बावजूद लोगों के साथ किया एक और बड़ा वादा पूरा कर दिया है।

इस फ़ैसले के नतीजे के तौर पर सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 6950 रुपए प्रति माह से बढक़र 18000 रुपए प्रति माह हो जायेगा। वेतन और पैंशन पिछले वेतन आयोग की सिफारिशों के मुकाबले इस बार 2.59 गुणा बढ़ जाएंगे और सालाना इंक्रीमेंट 3 प्रतिशत मिलेगा जिससे सभी मौजूदा कर्मचारियों के वेतन मान पड़ोसी राज्य हरियाणा से अधिक हो जाएंगे।

कैबिनेट मीटिंग, जिसमें छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मंज़ूरी दी गई, के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि छठे वेतन आयोग के लागू होने से सुधारे हुए ढांचे के मुताबिक न्यूनतम पैंशन 3500 रुपए प्रति माह से बढक़र 9000 रुपए प्रति माह हो जायेगी और न्यूनतम फैमली पैंशन बढक़र 9000 रुपए प्रति माह हो जायेगी। नये ढांचे के अंतर्गत तलाकशुदा /विधवा बेटी भी फैमली पैंशन के लिए योग्य होगी और फैमली पैंशन के लिए आय का योग्यता पैमाना 3500 रुपए जमा डी.ए. से बढ़ाकर 9000 रुपए जमा डी.ए. प्रति माह कर दिया गया है।

1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक मूल बकाया (नैट एरियर) की अनुमानित राशि करीब 13800 करोड़ रुपए बनती है। जि़क्रयोग्य है कि पंजाब सरकार द्वारा 2017 से कर्मचारियों को 5 प्रतिशत अंतरिम राहत पहले ही दी जा रही है। साल 2016 के लिए कर्मचारियों और पैंनरों के मूल बकाए की अनुमानित राशि 2572 करोड़ रुपए बनती है जोकि दो समान किश्तों में अक्तूबर 2021 और जनवरी 2022 में दी जाएगी।

सरकार ने 1 जुलाई 2021 से पैंशन की कम्यूटेशन 40 प्रतिशत तक बहाल करने को भी मंज़ूरी दे दी है। मौत कम रिटायरमेंट ग्रैच्युटी (डी.सी.आर.जी.) को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा एक्स ग्रेशिया अनुदान की मौजूदा दरें दोगुना कर दीं गई हैं। मौत कम रिटायरमेंट ग्रैच्युटी और ऐक्स ग्रेशिया को नयी पैंशन स्कीम के अंतर्गत आते कर्मचारियों को भी प्रदान करने का फ़ैसला किया गया है। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने साथ राज्य के खजाने पर सालाना 8637 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और संभावी अतिरिक्त कुल खर्चा प्रति वर्ष करीब 4700 करोड़ रुपए होगा।

गौरतलब है कि छठे वेतन आयोग ने अपनी रिपोर्ट का पहला हिस्सा पंजाब सरकार को 30 अप्रैल 2021 को सौंपा था जिसमें मोटे तौर पर वेतन मान, भत्ते और पैंशन और सेवामुक्ति के लाभ संशोधन की सिफारिशें शामिल थीं। यह फ़ैसला किया गया कि नये भत्तों /संशोधित भत्तों को लागू करने की तारीख़ 1 जुलाई 2021 होगी। प्रतिशत आधारित भत्ते जैसे कि मकान किराया भत्ता (एच.आर.ए.), एन.पी.ए. आदि नये ढांचे अनुसार तर्कसंगत किये जाएंगे जबकि डिज़ाइन भत्ता, चौकीदार और चालकों के लिए विशेष भत्ते को दोगुना कर दिया गया है।

राज्य सरकार द्वारा एक नया भत्ता-उच्च शिक्षा भत्ता शुरू किया गया है जो कि एक मुश्त लाभ के रूप में उन समूह कर्मचारियों को दिया जायेगा जो अपनी नौकरी के दौरान उस क्षेत्र में उच्च योग्यता हासिल करेंगे जो उनकी नौकरी से सम्बन्धित हो। नए कर्मचारियों को केंद्र सरकार के वेतन मानों के अनुसार ही अदायगी की जायेगी जोकि सभी नयी भर्ती पर भी लागू होगी।

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Punjab

खेल मंत्री राणा सोढ़ी ने ओलंपिक जाने वाले खिलाड़ियों को दिए 5-5 लाख रुपए

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चंडीगढ़, 18 जून (live24india): ओलम्पिक खेल में भाग लेने जाने वाले पंजाब के एथलीटों से अपने प्रदर्शन के द्वारा राज्य और देश का नाम रौशन करने का आह्वान करते हुए खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने कहा कि पंजाब को पूरी उम्मीद है कि हमारे खिलाड़ी टोकियो से बड़ी संख्या में पदक जीत कर घर लौटेंगे। यहाँ पंजाब के खिलाडिय़ों के साथ वीडीयो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा बातचीत करते हुए शूटिंग के प्रसिद्ध खिलाड़ी रहे राणा सोढी ने टोकियो जा रहे पंजाब के खिलाडिय़ों को इस खेल महाकुंभ के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने और ज़रुरी साजो-सामान की खऱीद-फऱोख़्त के लिए पाँच-पाँच लाख रुपए सौंपे। इन खिलाडिय़ों को कुल 1 करोड़ 30 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

प्रत्येक खिलाड़ी के लिए आर्थिक मदद का ऐलान करते हुए राणा सोढी ने कहा कि उम्मीद है कि टोकियो ओलम्पिक्स में भारत की तरफ से तकरीबन 190 सदस्यीय दल भाग लेगा, जिसमें से 100 एथलीट पहले ही चलीफाई कर चुके हैं। इनमें 56 पुरुष और 44 महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि 25 से 30 और एथलीट 23 जुलाई से शुरू हो रहे इन खेलों के लिए चलीफाई करेंगे।

खेल मंत्री ने बताया कि भारतीय ओलंपिक दल में पंजाब की बड़ी नुमायंदगी होगी क्योंकि अब तक 26 एथलीट पंजाब के चलीफाई कर चुके हैं। उनके साथ महाराजा भुपिन्दर सिंह पंजाब खेल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर लैफ्टिनेंट जनरल (सेवामुक्त) डॉ. जगबीर सिंह चीमा, रजिस्ट्रार कर्नल नवजीत सिंह संधू, खेल विभाग के प्रमुख सचिव खेल और युवक सेवाएं राज कमल चौधरी, विशेष सचिव-कम-डायरैक्टर डी.पी.एस. खरबन्दा, पी.आई.एस. डायरैक्टर श्री अमरदीप सिंह और संयुक्त सचिव करतार सिंह मौजूद थे।

स्वर्ण पदक विजेता के लिए 2.25 करोड़ रुपए की राशि का ऐलान

पंजाब सरकार द्वारा खिलाडिय़ों के साथ किया गया वादा दोहराते हुए राणा सोढी ने बताया कि ओलंपिक में से पंजाब के स्वर्ण पदक विजेता को 2.25 करोड़ रुपए, रजत पदक जीतने वाले को 1.5 करोड़ रुपए और काँस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपए और सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें आशा है कि पंजाब के अधिक से अधिक खिलाड़ी पदक सूची में अपना नाम दर्ज करवाएंगे और हॉकी का खेल इसमें अगुआ होगा। भारतीय हॉकी टीम में आधे से अधिक खिलाड़ी पंजाब के चुने जाने की संभावना है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की नयी खेल नीति उभरते हुए खिलाडिय़ों के लिए बेहद लाभप्रद साबित हुई है और इससे खिलाडिय़ों को विदेशी प्रशिक्षकों की निगरानी अधीन आधुनिक साजो-सामान के साथ अभ्यास करने का मौका मिल रहा है।

टोकियो रवाना होने से पहले खिलाडिय़ों को कोरोना की मिलेगी दवा

टोकियो रवाना होने से पहले सभी भारतीय खिलाडिय़ों को कोरोना की रोकथाम के लिए दवा देनी यकीनी बनाने के लिए केंद्र सरकार से अपील करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ओलम्पिक्स ऐसा प्लेटफार्म है, जिसमें विश्व के बेहतरीन खिलाड़ी अपने खेल के जौहर दिखाते हैं। हमें उम्मीद है कि हमारे खिलाड़ी अपना पूरा बल लगाकर देश को गौरवान्वित करेंगे। उन्होंने बताया कि कोविड महामारी के कारण पैदा हुई चुनौतियों के बावजूद खेल विभाग ने खिलाडिय़ों को वित्तीय और साजो-सामान की मदद मुहैया करवाई।

खेल तैयारियों और दाव-पेचों संबंधी बात

आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मनप्रीत सिंह (हॉकी कप्तान), आकाशदीप सिंह, हरमनप्रीत सिंह, कृष्ण पाठक, वरुण कुमार, गुरिन्दर सिंह, मनदीप सिंह, जरमनप्रीत सिंह, समशेर सिंह, गुरसाहिबजीत सिंह, रुपिन्दरपाल सिंह, रमनदीप सिंह, हार्दिक सिंह, सिमरनजीत सिंह, जसकरन सिंह, गुरजंट सिंह और दिलप्रीत सिंह (सभी हॉकी खिलाड़ी), राजविन्दर कौर, गुरजीत कौर और रीना खोखर (महिला हॉकी खिलाड़ी), सिमरनजीत कौर (मुक्केबाज़ी), अंजुम मौदगिल्ल (शूटिंग), अंगद वीर सिंह बाजवा (शूटिंग), कमलप्रीत कौर (डिस्क थ्रो), तेजिन्दरपाल सिंह तूर (शॉटपुट) और पलक कोहली (पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी) ने अपने माता-पिता के साथ विभिन्न जिलों से भाग लिया और खेल मंत्री के साथ विचार-विमर्श करते हुए अपनी खेल तैयारियों और दाव-पेचों संबंधी बात की।

हरदीप कौर खेल विभाग में बतौर कराटे प्रशिक्षक निभाएगी सेवा

इससे पहले खेल मंत्री राणा सोढी ने जि़ला मानसा की 23 वर्षीय अंतरराष्ट्रीय कराटे खिलाड़ी हरदीप कौर को बतौर कराटे प्रशिक्षक की नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र भी सौंपा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वह अपने पैतृक गाँव गुरने कलाँ में धान की बुवाई के लिए मज़दूर के तौर पर काम करने के लिए मजबूर थी। राणा सोढी ने कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में पदक जीत चुकी हरदीप कौर को दो साल पहले सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था परन्तु क्योंकि कोरोना महामारी के कारण सभी को घरों में बंद रहने के लिए मजबूर होना पड़ा और हरदीप कौर विभाग में अपने पूरे दस्तावेज़ जमा नहीं करवा सकी थी, इसलिए उसकी नियुक्ति में देरी हुई है। खेल मंत्री ने हरदीप कौर को विश्व स्तरीय खेल के लिए तैयारी करने के लिए प्रेरित किया और भविष्य में हर संभव सहायता देने का भरोसा भी दिया।

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